अंग्रेजो ने उपहार में दिया था ’’शाहदरा’’

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शाहदरा का मेन बाजार प्रसिद्ध बाजारों में से एक हैं। यहाँ लोग दूर-दूर से खरीदारी करने आते हैं। यह बाजार 1930 में बसा था उस जमाने में यहाँ तेल के कोल बनते थे। इसलिए वह जगह तेलीवाडा के नाम से प्रसिद्ध हो गई। बताया जाता है कि पहले वहाँ पर पुल नहीं था, वहाँ इतनी दुकाने नहीं हुआ करती थी। क्योकि लोग पहले वस्तुओं का आदान-प्रदान करते थें। समान के बदले सामान दिया करते थे। जिसे चुंगी माध्यम बोला जाता था। परंतु अब ऐसा नहीं अब वहाँ बहुत-सी दुकाने हैं जहाँ आपकों हर-तरह का सामान मिल सकता हैं। वो भी उचित दामों पर, कहा जाता है कि यह बाजार अंग्रेजों ने भारतीयों को उपहार में दिया था। शाहदरा की मेनमार्किट में लोगों का आना-जाना लगा रहता है जहाँ लोग मार्किट का लुत्फ उठाते हैं वही दूसरी ओर कुछ समस्याओं से भी परेशान है। बाजार की सबसे महत्वपूर्ण समस्या ट्रेफिक जाम की है। यहाँ हर थोड़ी-थोड़ी देर में जाम लग जाता है जिससे लोगों को काफी परेशानी होती है। बारिस का पानी भर जाना, रोड का जगह-जगह से टूटना आदि बहुत-सी समस्याऐं है। आईये देखते है लोगों का क्या कहना है इस बारे में…….

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