निभाना चाहता हॅू,खलनायक का किरदार: मृणाल जैन

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प्रेमबाबू शर्मा

कलर का लोकप्रिय शो ‘उतरन’ के विष्णु पात्र से सुर्खियां बटोरने वाली मृणाल जैन ने बंदिनी,महाभारत,लुटेरी दुल्हन,हिटलर दीदी जैसे अनेकों टीवी शो में अपने विविधापूर्ण किरदारों के द्वारा साबित कर दिया दिया की वह किसी एक किरदार टाइप्ड नही है। टीवी के समान्तर मृणाल ने फिल्म सत्य 2 में भी एक पुलिस अफसर के किरदार में नजर आएं। इन दिनांे एक नये किरदार के रूप नजर आ रहे है,लाइफ ओके टीवी शो ‘नागार्जुन एक यौद्वा’ में । अपने शो को लेकर क्या सोचते है मृणाल जानते है,उनकी ही जुबानी। टीवी शो ‘नागार्जुन एक यौद्वा’ में आप दो किरदारों को निभा रहे हैं? ज्ी हाॅ । ये लक है कि मुझे पहली बार किसी शो में एक साथ दो किरदार निभाने का मौका मिला है। मैं शंकचूर और राजवीर का किरदार निभा रहा हॅू। क्या भित्रता है,दोनों किरदारों में ? पहला किरदार शंकचूर का है,जो एक पूर्ण सर्प है,उसका मकसद नागलोेक पर राज करना हैं। वह असीमित शक्तियों वाला किरदार हैं। जबकि राजवीर इसका मानवीय रूपांतरण है। जहां मैं एक पुलिस वाले के किरदार में हॅू। राजवीर इंसानों के साथ धूर्रता करता है और अर्जन से नागमणि लेकर नागलोक ले जाना चाहता हॅं। राजवीर अरूण नूरी के बीच तीसरे चक्र का काम करता हैं। लीक से हटकर पहली बार भूमिका निभाते हुए कैसा महसूस कर रहे हैं? अब तक जितने किरदार निभाये लेकिन यह सबसे अच्छे अनुभवों मे से एक रहा है।जहां मुझे बतौर कलाकार कुछ व रोमांचक करने का मौका मिला। नैगेटिव भूमिकाएं कुछ चुनौतीपूर्ण है,और उसमें सुपरनेचुरल पावर हो तो फिर और भी कठिन। मुझे महसूस होता है कि मैं इस भूमिका के साथ बतौर अभिनेता विकास कर रहा हॅू क्योंकि यहां मुझे दो भूमिकाएं निभाने को मिली है। शंखचूड की भूमिका में मैं अपने लुक के साथ प्रयोग भी किया है। शंखचूड की भूमिका नैगेटिव है,रोल निभाने हुए डर नही लगा ? मैं शुरू में नैगेटिव किरदार निभाने को लेकर शंका में था। कि मेरी छवि दांव पर लगेगी लेकिन अंदर से मैं भी कुछ प्रयोग करना चाहता था। और इसी वक्त मुझे नागार्जुन का प्रस्ताव मिला। शायद शंकचूड का किरदार मेरी किस्मत में लिखा था। यह भूमिका मेरे पास सही समय पर आई। मैं दो अलग अलग लुक में दो अलग अलग किरदार निभा रहा हॅू। जो बेहद चुनौतीपूर्ण हैं। इस खास भूमिका के लिए कोई खास तैयारी ? मैंने शंकचूर के किरदार में वास्तविकता के लिए स्टीक बाॅडी लैग्वेज और तैयारी के लिए बहुत सी किताबे पढी और खूब सारी आफबीट फिल्में देखी। शंकचूर मेरा किरदार इससे पूर्व मेरे निभाएं सारे किरदारों से पूरी तरह अलग हैं। सुना है,आपको शो के कस्टुम और मेकअप करने में काफी समय लगता हैं ? मुझे अपने किरदार के लुक में आने और कस्टुम और पहली बार के अनुभव के तौर पर विग बगैरह के साथ तैयार होने में एक घंटा लगता था। जो पोशाक में पहन रहा हॅू उसमें बहुत कुछ हैं। जैसे मेरे दाहिने कंधे में पंजे लटके हुए है। जो शो का ही एक हिस्सा हैं। टीवी पर आलौकिक शक्तियों शो का प्रभाव कुछ ज्यादा ही बढ रहा हैंएआपकी राय? नागिन,कवच, ‘ब्रह्मराक्षस‘ जैसे शो की सफलता ने साबित कर कर दिया कि दर्शकों लीक हटकर मसाला शो भी पंसद हंै। जब लोग शो को ना पंसद कर देगें तो कोई निर्माता ऐसे शो निर्माण की हिम्मत नहीं जुटा पायेगा। क्या आलौकिक शक्तियों में विश्वास रखते हैं? मैंने व्यक्तिगत तौर पर कुछ अनुभव नही किया। इस पर विरूवास होने के लिए मेरे कुछ ऐसा अनुभव होना जरूरी हैं। जो अभी तक नही हुआ। आपको अगर असल जिंदगी में ऐसी शक्तियां मिल जाएं तो क्या करोेगें ? अगर मुझे ऐसी शक्तियां मिल जाएं तो मैं भारत के लिए विदेशांे मंे होने वाले खेलों में जाउगां। मैं डांस और एक्शन के सिक्वेंस के साथ हर संभव चीज करना चाहूंगा। शो में दिखाया गया है कि लोग शक्तियों के लिए कुछ भी कर सकते हैं? असल जिंदगीं में इस पाकर क्या अनुभव करते है ? हर किसी का अलग नजरिया होता हैं। दुनियां में तीन तरह के लोग होते हैं। जो वो होते है,जो किसी कीमत पर जीतना चाहते हैं। दूसरे वो जो सही तरीके से जीत हासिल करना चाहते हैं,जबकि तीसरे तरह के लोग दोनों से अलग जितने है, उससे सतुष्ट हंै। वो कठिन मेहनत में विश्वास करते हैं। तो यह लोगों पर निर्भर करता हैं। मैं खुद इसे सही रास्ते से जीतना चाहूंगा। अपने प्रशंसकों को क्या कहना चाहेगें? मैंने इस भूमिका के लिए बहुत मेहनत की है। कृप्या शो देखे और हमारे काम को प्रोत्साहन दें।

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