बिना सरकारी मदद के चल रहा है नेत्रहीन स्कूल

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पूर्वी दिल्ली (अंकित शर्मा/अंजुल गर्ग)
नर सेवा नारायण सेवा । जी हां, हमारे शास्त्रों में भी लिखा है यह । इसी तर्ज पर शाहदरा के तेलीवाड़ा में चल रहा है भारतीय नेत्रहीन विधालय, जिसे संचालित कर रही है भारतीय ब्लाइंड एडुकेश्नल कल्चर वेल्फ़ेयर सोसाइटी ।
इस स्कूल की स्थापना 1962 में हुई थी । यहां 8वीं कक्षा तक नेत्रहीन छात्रों को निःशुल्क शिक्षा दी जाती है । यहां 10वीं कक्षा के फॉर्म भी भी भरवाए जाते हैं । जिसका खर्चा स्कूल प्रबंधन करता है ।
स्कूल में हॉस्टल भी है जहां बच्चे रहते हैं । उनके खाने-पीने से लेकर पढ़ाई तक पूरा खर्चा उठाता है स्कूल प्रबंधन ।
बच्चों को पढ़ाने के लिए अध्यापकों की व्यवस्था, कंप्यूटर टीचर की व्यवस्था भी की गई है । जिनका वेतन भी देता है स्कूल प्रशासन ।
यह स्कूल पूरी तरह से जनता के चंदे से चल रहा है । सरकार द्वारा यहां कोई सहायता नहीं दी जाती । लोग बाग अपने जन्मदिन, शादी की सालगिरह या अन्य खुशी के मौके पर यहां दान देते हैं । बहुत से दानी लोग आटा-दाल, चीनी, सब्ज़ी व दूध आदि बच्चों के लिए देते हैं यहां । शायद इसीलिए कहा गया नर-सेवा नारायण सेवा ।

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