मैं खुद के काम का आलोचक हॅू: जिमी शेरगिल

पे्रमबाबू शर्मा

साल 1996 की फिल्म ‘माचिस’ के अभिनेता जिमी शेरगिल ने अपने दो दशक वाले करियर में एक से बढ़कर एक चुनिंदा फिल्में की हैं। जिमी ने कहा, मैं खुद के काम का बहुत बड़ा आलोचक हूं। जिमी आजकल फिल्म ‘ये तो टू मच हो गया’ में नजर आ रहे है। जिसमे कि उनके काम को काफी सराहा जा रहा है। जिमी ने कहा है कि वह खुद के काम के आलोचक हैं। उनका कहना है कि ‘भले ही उनकी फिल्में सराही जा रही हैं, लेकिन वह हमेशा सोचते हैं कि और बेहतर किया जा सकता है।’ अपने लीक से हटकर किरदारों की वजह से जिमी ने इंडस्ट्री में अपनी एक अलग पहचान बनाई है. फिर चाहे वो फिल्म ‘हासिल’ और ‘मौहब्बतें’ की लवर ब्वॉय इमेज हो, या फिल्म ‘मुन्नाभाई एमबीबीएस’ और ‘यहां’ जैसे संजीदा रोल या फिर ‘साहेब बीवी और गैंगस्टर’, ‘बुलेट राजा’ और ‘तनु वेड्स मनु रिटर्न्स’ जैसी फिल्मों में बेबाक अंदाज। जिमी ने हर रोल को बखूबी निभाया है। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि अपने हर किरदार में अपनी जानदार एक्टिंग से जान फूंकने वाले जिमी को भी कुछ किरदारों ने डराया था। सबसे चैलेंजिंग रोल कौन सा था? इसका जवाब देना बहुत मुश्किल है, ‘मुन्नाभाई एमबीबीएस’ एक ऐसी फिल्म थी जिसमें मुझे लगा था कि मैं एक लास्ट स्टेज के कैंसर के मरीज का रोल कैसे करुंगा, कैसे अपने आप को एकस्प्रेस कर पाऊंगा, डायरेक्टर राजू हिरानी के साथ काफी वर्कशॉप्स किए, डॉक्टर्स के साथ काफी सिटिंग्स किए, तब जाकर उन किरदारों को मैं निभा पायाश्. जिमी ने कहा, श्साहेब बीवी और गैंगस्टरश् में साहेब का किरदार व्हील च्येर पर था, मैं बहुत परेशान था कि कहीं मेरा रोल बहुत बोरिंग ना हो जाए क्योंकि आप व्हील चेयर पर हो तो आप पहले ही बंध जाते हो, मुझे आज भी याद है कि डायरेक्टर तिग्मान्शू धूलिया के चेहरे पर एक स्माइल आई थी कि हो जाएगा, मैंने बहुत मेहनत की और वो रोल दर्शकों को बहुत पसंद आया, एक अच्छा रोल करने से पहले नर्वस होता हूं लेकिन ये अच्छी बात है तभी आपका बेस्ट बाहर आता है’।

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