माखन लूटने के लिए हनुमान जी को बिठाया था श्री कृष्ण जी नें

वृन्दावन ( राहुल कुमार / सी.पी.एन. न्यूज़ )

गोवर्धन परिक्रमा मार्ग पर एक स्थान है जिसका नाम है पूंछरी का लौटा | इस स्थान को हनुमानजी का स्थान माना जाता है | यहां बने मन्दिर में परिक्रमा लगाने वाले तमाम श्रद्धालु हाजरी जरुर लगते हैं | मन्दिर के सामने रोड पर वानरों की सेना पूरे समय तैनात दिखती है | श्रद्धालु उनकी सेवा केले और चने खिलाकर करते देखे जा सकते हैं | मन्दिर के सामने कई रेहड़ी वाले केले, चने बेचते हैं | श्रद्धालु हनुमान जी के दर्शन करने के बाद वानरों की सेवा में जुट जाते हैं वानर भी बड़े शांत भाव से अपनी पेट पूजा करते दिखते हैं | यहां पर बड़ी संख्या गाय भी इसी इंतजार में रहती हैं कब श्रद्धालु आयें और उनकी सेवा करें |
परिक्रमा मार्ग पर दान घाटी मन्दिर से सात किलोमीटर की दूरी पर है पूंछरी का लौटा | गोवर्धन श्रेणी यहां आकर अलोप हो जाती है और परिक्रमा जतीपुरा की ओर मुड़ जाती हैं | यहीं पर पूंछरी गावं और पूंछरी के लौटा का मन्दिर है | अनेक श्रद्धालु यहीं से परिक्रमा शुरू करते हैं और यहीं पर आकर समाप्त करते हैं | स्थानीय लोग बताते हैं कंस ने हुकुम दे रखा था तमाम ब्रिजवासी अपना माखन, दूध, घी उनके यहां पहुंचाए तो श्री कृष्ण के आदेश के बाद बहुत से लोगो ने कंस के दरबार में माखन भेजना बंद कर दिया था लेकिन कंस के सैनिक गव्वालो से जबरन माखन ले जाते थे | सैनिको से निपटने के लिए ही श्री कृष्ण ने हनुमान जी को जिम्मेदारी सौपीं थी | भला फिर किसकी मजाल थी जो वहां से माखन की एक डली भी ले जा पाए……

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