कांग्रेस ने शुरू किया आक्रोष रैली अभियान

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नई दिल्ली ( सी.पी.एन. न्यूज़ )

बढ़ती बेरोजगारी, मंहगाई, जीएसटी के आतंक व नोटबंदी के चलते छोटे दुकानदारों व कारोबारियों को हुए नुकसान के कारण हुई आर्थिक मंदी के लिए जिम्मेदार केन्द्र की मोदी सरकार के खिलाफ कांग्रेस ने अपना राज्य-व्यापी हल्ला बोल अभियान शुरु कर दिया। कार्यक्रम के पहले चरण में नई दिल्ली संसदीय क्षेत्र के आर.के.पुरम में आक्रोश रैली हुई जिसमें कांगेस कार्यकर्ताओं के अलावा भारी संख्या में स्थानीय लोग भी मौजूद थे।
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुभाष चौपड़ा की अगुवाई में हुई आक्रोश रैली को श्री चौपड़ा के अलावा पूर्व केन्द्रीय मंत्री अजय माकन, वरिष्ठ नेता कीर्ति आजाद, सचिव कुलजीत सिंह नागरा, मुकेश शर्मा, महिला कांग्रेस अध्यक्ष शर्मिष्ठा मुखर्जी, पूर्व मंत्री किरण वालिया, निगम के पूर्व नेता जितेन्द्र कुमार कोचर ने सम्बोधित किया। रैली की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष एडवोकेट विरेन्द्र कसाना ने की।
आक्रोश रैली में गुस्साऐं लोगों ने मोदी सरकार व भजपा के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जनसभा के बाद भारी संख्या में लोगों ने हाथों में सरकार विरोधी तख्तियां लेकर आर.के.पुरम के मुख्य बाजारों में भाजपा के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों के सदस्यों की मौजूदगी यह साबित कर रही थी कि सरकारी कमचारियों का विश्वास भी मोदी सरकार से उठ गया है। इस दौरान नौजवान ‘‘मोदी सरकार हाय-हाय‘‘, ‘‘मोदी सरकार धोखा है- धोखा है’’ आदि नारे लगा रहे थे।
सुभाष चौपड़ा ने इस मौके पर केन्द्र सरकार के खिलाफ गुस्साऐ लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा कि आजादी के बाद देश सबसे बड़ी आर्थिक मंदी के दौर से गुजर रहा है। उन्होंने कहा कि पढ़े लिखे नौजवान नौकरियों के लिए मारे-मारे फिर रहे है। श्री चौपड़ा ने कहा कि यह हैरत की बात है कि 18-23 साल की उम्र के 74 प्रतिशत नौजवान कॉलेज ही नही जा पाते। उन्होंनें यह भी कहा कि जो नौजवान स्नातक है, उन्हें भी आज नौकरी नही दी जा रही। उन्होंने यह भी कहा कि आज न नौकरी है, न रोजगार है और कृषि क्षेत्र पर तो मंदी का दंश और भी बुरा है।
अजय माकन ने लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा कि मोदी सरकार आंकडो की बाजीगरी छोड़कर अगर वास्तविकता देखेगी तो वर्ष 2019-20 की पहली तिमाही में जीडीपी 5 प्रतिशत के निचले स्तर पर रही हैं। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के लिए यह शर्म की बात है। आईएमएफ, फिच, वर्ल्ड बैंक, मूडी एवं आरबीआई सहित सभी एजेंसियों ने भारत में जीडीपी वृद्धि के पूर्वानुमान में भारी कटौती कर दी है। दुनिया की पाँचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के पायदान से नीचे खिसक कर अब देश सातवें पायदान पर चला गया है। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्लीवाले आर्थिक दिवालियेपन से सबसे ज्यादा पीड़ित है।
सुभाष चौपड़ा, कीर्ति आजाद और शर्मिष्ठा मुखर्जी ने कहा कि केन्द्र की मोदी सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को कर्मचारी भविष्य निधि पर मिलने वाली ब्याज दर को 8.7 प्रतिशत से घटाकर 7.9 प्रतिशत कर दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि मंहगाई भत्ता जहां कांग्रेस ने 2006 के बाद 107 प्रतिशत तक बढ़ाया था, आज मोदी सरकार ने मंहगाई भत्ता में केवल 17 प्रतिशत की वृद्धि की है, जो सीधे तौर पर सरकारी कर्मचारियों के साथ विश्वासघात है।
मुख्य प्रवक्ता मुकेश शर्मा ने कहा कि कांग्रेस हल्ला बोल अभियान को और धार-दार बना रही है। उन्होंने कहा कि 25 नवम्बर तक चलने वाले इस हल्ला बोल अभियान में कल दक्षिणी दिल्ली के बदरपुर व महरौली जिला में कांग्रेस आक्रोश रैलियां आयाजित करेगी। उन्होंने कहा कि कल दक्षिणी दिल्ली के विभिन्न बाजारों में आर्थिक मंदी की झांकिया भी निकाली जाऐंगी।
रैली में पूर्व विधायक नीरज बसौया, दक्षिणी दिल्ली निगम में कांग्रेस दल के नेता अभिषेक दत्त, पूर्व निगम पार्षद नीतू वर्मा सोइन और धर्मवीर, लीलाधर भट्ट, राजेश गर्ग, रिषी राठी, सहित सैंकड़ो कांग्रेस कार्यकर्ता व स्थानीय लोग मौजूद थें।

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