हिन्दी उपन्यास ‘‘अपराधी’’ का विमोचन

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नई दिल्ली

फेडरेशन फॉर ग्लोबल कल्चर के तत्वाधान में कॉन्स्टिीट्यूशन क्लब में एक भव्य समारोह के दौरान हिन्दी उपन्यास अपराधी का विमोचन वरिष्ठ साहित्यकार गंगा प्रसाद विमल की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। असिस्टेंट कमिशनर जी-एस-टी कपिल ईसापुरी द्वारा लिखित इस उपन्यास के विमोचन के अवसर पर ‘शािज़या इल्मी’’ मुख्य अतिथि के रुप में पधारीं। इनके अलावा अनेक नामी हस्तियां, पत्रकार एवं वरिष्ठ साहित्यकारों ने हिस्सा लिया। उपन्यास के विषय में श्री कपिल इसापुरी ने बताया कि यह धार्मिक बंधनों को तोड़कर किए गए एक मार्मिक प्रेम विवाह की कहानी है। उपन्यास के मुख्य नायक शिवेन्द एवं मुख्य नायिका नाौशीद विषम परिस्थितियों में भी प्रेम और त्याग का अनोखा उदाहरण प्रस्तुत करते हैं उपन्यास में परिवार की समस्या घटे संसाधनों उपभोक्तावादी संस्कृति की खामियों को भी बहुत रोचक तरीके से कहानी में घोटा गया है। साहित्यकार गंगा प्रसाद विमल ने कहा कि इस उपन्यास की विषय वस्तु आकर्षित करती है एक बार पढ़ना शुरु करते हैं तो छोड़ने का मन ही नहीं करता है। साहित्यकार मुशर्रप़फ़ आलम जॉकी ने उपन्यास को रूसी उपन्यासकार दोस्तो जॉकी सवाती के उपन्यास क्राइम एंड पनिश्मेन्ट की चर्चा करते हुए ‘‘अपराधी’’ के कथांक को अति उत्तम बताया। मानवाधिकार आयोग की सदस्य ज्योतिका कालरा ने कपिल ईसापुरी को बधाई देते हुए कहा कि यह उपन्यास समाज के लिए एक सन्देश है। शािज़या इल्मी ने कहा कि उपन्यास की कहानी दिल को झकझोर कर रख देती है। और बताती है कि प्रेम धर्म और सम्प्रदाय से ऊपर उठकर है। इस मौके पर कार्यक्रम आयोजक फेडरेशन फोर ग्लोबल रहा कल्चर के महासचिव तारीक फैज़ी ने कहा कि श्री कपिल इसापुरी का प्रयास प्रशंसनीय और इतनी व्यस्तता के बावजूद उन्होंने जिस तरह का उपन्यास लिखा है वह अपने आप में बड़ी बात है इसलिए हमारा प्रयास है कि इस उपन्यास में मौजूद सन्देश दूर तक जाए बागपत के सत्र जिला न्यायधीश अबिद शमीम ने कहा कि यह कहानी पढ़ने वाले को शिवेन्द्र और नाौशीद की ना होकर अपनी महसूस होगी यह इस उपन्यास की खूबी है। इस मौके पर तारीक फैज़ी ने आये सभी आगन्तुकों का धन्यवाद व्यक्त करते हुए उनका सम्मान किया।

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