जातिगत आरक्षण व्यवस्था के विरोध में धरना प्रदर्शन

0
29
नई दिल्ली ( हर्ष भारद्वाज )
आरक्षण मुक्त भारत का सपना लिए देश भर के अनेक प्रांतों से आये  आंदोलनकारियों ने “आरक्षण विरोधी आंदोलन” के बैनर तले जंतर मंतर पर एक दिन का धरना – प्रदर्शन  राष्ट्रपति; प्रधानमंत्री  को ज्ञापन सौंपा ।
“आरक्षण विरोधी आंदोलन” के माध्यम से जातिगत आरक्षण को हटा कर सबको समानता का अधिकार मिले जिससे वास्तविक भारत के संविधान की पालना हो ऐसा प्रयास किया जा रहा है | राजनेताओं द्वारा की जा रही तुष्टिकरण की नीति और आरक्षण के खिलाफ जनता ने अपना रोष, निजी क्षेत्र में आरक्षण की मांग करने वाले भाजपा सांसद उदितराज का पुतला दहन कर दिखाया । धरने में आम जन की भागीदारी रही, जिसमे सभी वर्गों, धर्मों, जातियों और सर्व समाजों का सहयोग और भागीदारी थी जिसमे ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, कायस्थ, जाट समाज और आरक्षण  के लाभान्वित लोगों की भी उपस्थिति रही ।
                धरने की अध्यक्षता कर रहे पंडित त्रिभुवन शर्मा  (बरेली वाले) ने आरक्षण को दीमक की उपमा दी की यह धीरे धीरे इस देश को खोकला कर रहा है ।आंदोलन के संयोजक  यु एस राणा  ने अपने जोशीले अंदाज में धरने को सम्बोधित करते हुए कहा की देश में दो वर्गों के बीच खाई को आरक्षण रूपी दानव के द्वारा बढ़ाया जा रहा है, आरक्षण के कारण देश में सबका साथ सबका विकास का कोई मतलब नहीं रह जाता, सह संयोजक  तजेन्द्र सिंह पंवार ने कहा की बिहार चुनाव में प्रधानमंत्री के वक्तव्य जिसमे “आरक्षण की मौजूदा स्तिथि पर कोई भी विचार मेरे जीते जी नहीं होगा” द्वारा अब यह स्पष्ट हो गया है कि आरक्षण की यह लड़ाई लम्बी और संघर्ष भरी रहने वाली है ।  भारत वशिष्ठ, संजय जाटव, शैलेन्द्र पासवान, आनंद मोहन मिश्रा, पुनीत अग्रवाल,  शिखा सिंह, सोनाली शर्मा, धर्मेंद्र भैया एवं अन्य वक्ताओं ने भी धरने को संबोधित किया और  शैलेन्द्र सिंह चौहान, नितिन चौहान, गौरव सिंह, रवि राजा, लोकेश, हिमांशु, राम मिश्रा, ने प्रमुखता से भाग लिया ।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here