काव्य कलश में मुलाकात : रामचरण सिंह साथी : कवी हास्य व्यंग

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नई दिल्ली ( आशीष कुमार / विपिन महेश्वरी )

रामचरण सिंह साथी हिंदी साहित्यकारों में एक जाना पहचाना नाम है | रिटायर्ड प्रिंसिपल श्री साथी को निगम तथा स्टेट गवरमेंट द्वारा शिक्षक सम्मान से सम्मानित किया जा चुका है | उन्हें विद्या वाचस्पति की मानद उपाधि भी मिल चुकी है | दो दर्जन के करीब पुस्तके लिख चुके श्री साथी पांच सौ से भी ज्यादा कविताएं लिख चुके हैं | जिनमे से कई कवितांए काफी चर्चित रही |
उनकी पुस्तकों में मेरे स्वर हैं भाव तुम्हारे, अनकही अनुभूतियाँ, समय दंश, मिसाल-बेमिसाल, दिन पखेरू, कुछ जमीं-कुछ आसमां काफी प्रसिद्ध रही हैं | सी.पी.एन. न्यूज़ ऑफिस में काव्य कलश प्रोग्राम में हमारी रिपोर्टिंग टीम ने की उनसे लम्बी बातचीत तीन भाग में हुई उनसे बातचीत को हम आपके साथ साझा कर रहे हैं | आशा है आपको पसंद आयेंगी श्री साथी की रचनाएं |

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