कैलाश जैन अलट – पलट कर सकते हैं बाबर पुर के तमाम चुनावी समीकरण

0
4

नई दिल्ली ( अश्वनी भारद्वाज )

बाबर पुर विधान सभा क्षेत्र में इस बार फिर से झाड़ू चलेगी और मजबूती से चलेगी | ऐसा हम जमीनी स्तर पर सैकड़ों लोगों से मिले फीडबैक के आधार पर बता रहें हैं आपको | आम आदमी पार्टी के प्रदेश सयोंजक और दिल्ली सरकार में मंत्री गोपाल राय यहां से पिछले तमाम रिकार्ड तोड़ते हुए जीत दर्ज करते दिखाई दे रहें हैं | 2015 के चुनावों में जहां उन्हें 59.14 फीसदी यानी 76 हजार 179 मत मिले थे वहीं हमारे सर्वे के मुताबिक इस बार यह आंकड़ा 65 फीसदी से भी ज्यादा रहने की सम्भावना से इंकार नहीं किया जा सकता | वहीं भाजपा के नरेश गौड़ को 2015 में 31.76 यानी 40 हजार 908 मत मिले थे इस बार भाजपा के खाते में भारी कमी आनी तय है | भाजपा इस बार न्य चेहरा लाने का मन बना रही है | वहीं कांग्रेस के जाकिर खान को 9 हजार 952 यानी 7.73 मत ही मिल पाए थे |

कांग्रेस भी इस बार नये चेहरे पर दांव लगाएगी | कांग्रेस का पिछले चुनाव में न्यूनतम प्रदर्शन रहा है | इससे ज्यादा फीसदी तो 2008 के चुनाव में निर्दलीय कैलाश जैन 7.96 फीसदी तो 1998 के चुनाव में सुनील वशिषठ 8.78 फीसदी मत लेने में कामयाब रहे थे | कांग्रेस यदि इस बार कैलाश जैन पर दावं खेलती है तो तो ये आंकड़े उल्ट फेर भी मचा सकते हैं इस सम्भावना से इंकार नहीं किया जा सकता क्योंकि पार्टी के साथ-साथ उनका अपना भी जनाधार है | कांग्रेस पिछले 6 चुनावों में यहां से पांच बार नये प्रत्याशी उतार चुकी है | केवल जाकिर खान ही दो बार लगातार कांग्रेस की ओर से चुनाव लड़े हैं |

पिछले 6 चुनावों में यहां से कांग्रेस केवल एक बार ही शीला दीक्षित की लहर में 2003 में जीत दर्ज कर सकी है | आम आदमी पार्टी भी दो में से एक बार जीती है | जबकि भाजपा के खाते में चार बार जीत आई है | 6 चुनावों में भाजपा का औसत 43 फीसदी रहा है | जबकि कांग्रेस का औसत मात्र 27 फीसदी तो आम आदमी पार्टी का दो चुनावों में औसत 41 फीसदी रहा है | आप पार्टी की ओर से गोपाल राय का चुनाव लड़ना तय है जबकि भाजपा व कांग्रेस के पत्ते खुलने अभी बाकी है | सही तस्वीर तो तीनों प्रमुख दलों के प्रत्याशी घोषित होने के बाद ही सामने आएगी लेकिन हमारे सर्वे जो जमीनी स्तर पर किये गये हैं आप पार्टी की बड़ी जीत बता रहें हैं | 1993 के चुनावों में भाजपा के नरेश गौड़ को 53.32 फीसदी वोट मिले थे और कांग्रेस के भोपाल सिंह मात्र 14.51 फीसदी पर सिमट गये थे | 1998 के चुनाव में भाजपा के नरेश गौड़ को 42.96 फीसदी मत मिले थे |

तो कांग्रेस के अब्दुल हमीद वारसी को 41.13 फीसदी मत मिले मिले थे और वे थोड़े अन्तराल से चुनाव हार गये थे | 2003 में शीला दीक्षित का जलवा था उस समय कांग्रेस को यहां पहली मर्तबा जीत हांसिल हुई थी | कांग्रेस के विनय शर्मा 47.52 फीसदी वोट लेकर जीते थे तो नरेश गौड़ 39.62 फीसदी वोट लेकर जीत की हैट्रिक बनाने में नाकाम रहे थे | 2008 के चुनावों में भाजपा के नरेश गौड़ 35.10 फीसदी वोट लेकर फिर से बाजी मार गये | तो बसपा के हाजी दिलशाद 30.90फीसदी वोट लेकर दुसरे स्थान पर रहे थे | कांग्रेस के अनिल वशीषठ 23.76 फीसदी मत लेकर तीसरे स्थान पर पहुंच गये थे | 2013 के चुनावों में आम आदमी पार्टी भी मैदान में उतर चुकी थी | ऐसे में त्रिकोणीय मुकाबले में अभी तक सबसे कमजोर प्रदर्शन 29.73 फीसदी वोट लेकर भी भाजपा के नरेश गौड़ के हिस्से जीत आई | तो कांग्रेस के जाकिर खान को 25.81 फीसदी मत मिले जबकि आप पार्टी के गोपाल राय महज 22.37 फीसदी मत लेकर तीसरे स्थान पर रहे थे | 2020 का चुनाव एक बार फिर से लहर वाला चुनाव दिखाई पड़ रहा है | हमारे आकंलन के मुताबिक चुनाव लगभग एक तरफा दिखाई पड़ रहा है | ऐसा हम सैकड़ों लोगों की राय जानने के बाद ही कह पा रहें हैं आपको | जो की हम आपको भी दिखाएंगें | सी.पी.न्यूज़ का यह आकंलन यदि आपको पसंद आये तो हमारे न्यूज़ चैनल cpnnewsportal को सब्सक्राईब करना नहीं भूले ताकि आगे भी अपडेट मिलती रहे आपको…….

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here