मुदित का शानदार शो छोड़ गया कई सवाल

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नई दिल्ली ( अश्वनी भारद्वाज )

पिछले कई सालों से मैंने राजनैतिक प्रोग्रामों में जाना लगभग बंद कर रखा है | जहां तक कवरेज का सवाल है वो बराबर हमारी टीम करती रहती है और उसमे कभी भेद-भाव नहीं होता एक पत्रकार के नाते हमने अपना धर्म हमेशा निभाने का प्रयास किया है | शायद इसी वजह से हमारे कई मित्र हमसे नाराज भी हो जाते हैं | लेकिन वो भली भांति जानते है हम अपना रास्ता कभी नहीं छोड़ सकते और न कभी नुकसान फायदे का गुना भाग करते |.विचारधारा कोई भी हो सकती है लेकिन कलम की विचारधारा निष्पक्ष रहे तो सही रहता है |
आप सोच रहे होंगे ये सब लिखने की क्या जरूरत पड़ गई | दरसल रविवार को हमारे पास मेरे बचपन के साथी ब्रह्म ढीकिया का फ़ोन आया हरनाम पैलैस चलना है मुदित भाई का प्रोग्राम है, मैंने उन्हें कहा मैं पोलिटिकल प्रोग्राम में नहीं जाता | उनका फ़ोन रखा ही था तभी मेरे अभिन्न मित्र ईश्वर बागड़ी की घंटी बज गई और उन्होंने भी हमे हरनाम पैलेस आने को कहा, मैने उन्हें भी वही जवाब दिया | ब्रह्म तथा ईश्वर ऐसे इंसान है जिनकी मैं बहुत कदर करता हूँ क्योकि ये दोनों ही मास के लीडर हैं और हमे भी जब इनकी जरूरत पड़ती है तो ये भी पूरी दोस्ती निभाते है |
सो हमने हरनाम जाने का इरादा बना लिया, करीब तीन बजे मुदित जी का फ़ोन भी आ गया और उन्होंने हमे भी कॉफी का निमंत्रण दे दिया | उन्होंने कहा मैंने कुछ चुनिंदा युवा साथियों को कॉफी पर बुलाया है आपको भी पहुंचना है | हमने कहा मुदित भाई अब हम युवा थोड़ी हैं लेकिन उन्होंने कहा आपको जरूर आना है |
हम अपने कुछ साथियो के साथ पहुंच गए हरनाम पैलेस | मुदित को मैं करीब पच्चीस बरसों से जानता हूँ | उनके पिता जय प्रकाश अग्रवाल लोक सभा का पहला चुनाव लड़ रहे थे मुदित मीडिया का काम संभाल रहे थे और उन दिनों मैं वीर अर्जुन अख़बार में कार्यरत था मुदित रोजाना चुनाव प्रचार की न्यूज़ लेकर आते थे
| उनका आचरण बेहद प्रभावशाली देख मुझे लगा था यह लड़का जरूर लाला रामचरण अग्रवाल जी के नाम को रोशन करेगा | हमारा मुदित से मात्र चुनावो तक संबंध नहीं रहा चुनावो के बाद भी मिलना जुलना रहता था | मेरे पंजाब केसरी के सफर में भी उनका मिलना जारी रहा | मैंने कभी भी उनके व्यवहार में कटुता नहीं देखी |
हरनाम पैलेस पहुंच कर हमे आभास हुआ मुदित ने सक्रिय राजनीती में जोरदार तरीके से आगाज किया है | वैसे तो मुदित अपने पिता श्री जय प्रकाश अग्रवाल के साथ बरसों से सक्रिय है |लेकिन रविवार को उन्होंने बाकायदा लगभग ऐलान ही कर दिया की जे.पी. की विरासत पर वे जल्द अपनी ताजपोशी करा सकते हैं |
कॉफी विद मुदित प्रोग्राम में गेट से ले हॉल तक युवाओं का सैलाब देख अंदाजा लगाया जा सकता था मुदित की शालीनता के कायल युवा अब कह थे है मुदित तुम आगे बढ़ो हम तुम्हारे साथ है | युवाओं के अलावा टीम जे.पी. के स्टालवर्ट भी मौजूद थे | ईश्वर बागड़ी, वेद प्रकाश बेदी, रेखा रानी, बिजेंद्र प्रधान, सुमंत मलिक, राजू शर्मा, दीपक वशिष्ठ, बेगराज सिंह, अनिल गौतम, अशोक शर्मा, अभिषेक राणा, मुकेश पांचाल आदि अपनी टीम के साथ मौजूद थे, ब्रह्म ढीकिया अपनी युवा टीम के साथ जमे थे | मुदित के समर्थक नारे लगा रहे थे हमारा सांसद कैसा हो मुदित भाई जैसा हो | जाहिर है जे.पी. अग्रवाल तथा उनके समर्थक अब ठान चुके है मुदित को अब जे.पी. का विकल्प बना ही दिया जाये | कॉफी विद मुदित का हिट होना कई सवाल छोड़ गया जिनके जवाब लोग तलाश रहे है |

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