मुदित की चाय पार्टियाँ पड़ रही हैं अपने परायों सब पर भारी

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नई दिल्ली ( अश्वनी भारद्वाज )

कई माह बाद आज मुदित अग्रवाल पर लिखने का मन किया | मुदित की मेहनत को देख ऐसा मेरे मन में आया | मुदित ने हरनाम पैलेस में जब चाय पार्टी की शुरुवात की थी तब मैंने उसे अच्छा कदम बताया था और विस्तार से लिखा था क्यूंकि मैं उसमे शामिल हुआ था | उसके बाद मुदित करीब दस बड़ी चाय पार्टियाँ रख चुके हैं एक दो में मुझे भी शामिल होने का मौका मिला |
आज आलम यह है की मुदित की चाय पार्टियों की चर्चा ना केवल उत्तर पूर्वी दिल्ली में बल्कि पूरी दिल्ली में हो रही है | कुछ दिन पूर्व दिल्ली कांग्रेस की अध्यक्ष शीला जी से मेरी कुछ मुद्दों पर चर्चा हो रही थी तो उन्होंने भी मुदित के बारे में पूछा तो मुझे लगा मेहनत इतनी ख़ामोशी से करो की उसकी चर्चा पूरे शहर में सुनाई दें तो उसका मजा ही कुछ और होता है |
मुदित की चाय पार्टियाँ अपनी पार्टी में तो विरोधियों पर भारी पड़ ही रही हैं अलबत्ता भाजपा व आम आदमी पार्टी भी अब टीम मुदित को सीरियस लेने लगी है | और लगभग उसी स्टाइल में दोनों पार्टियों के नेता भी उतर आये हैं | स्थानीय सांसद मनोज तिवारी जो कुछ माह पूर्व तक पार्टी वर्करों के बुलाने पर भी नहीं पहुंचते थे अब वर्करों से खुद कहते सुने जा सकते हैं इलाके में कुछ प्रोगाम क्यों नही रखते |
मुदित अभी तक सात विधान सभाओं बुराड़ी, मुस्तफाबाद, घोंडा, गोकलपुर, बाबरपुर, करावल नगर, तथा रोहताश नगर में चाय पार्टिया बड़े स्तर पर रख चुके हैं | सभी स्थानों पर उन्हें वर्करों का पूरा समर्थन मिला है | घोंडा में पूर्व विधायक भीष्म शर्मा के विरोध के बावजूद मुदित की चाय पार्टी में भीड़ उमड़ी तो रोहताश नगर में भी पूर्व विधायक विपिन शर्मा के विरोध के बावजूद इलाके के ज्यादातर वर्कर मुदित के साथ खड़े दिखे |
भीष्म व विपिन दोनों ही मुदित व उनके पिता जे.पी. अग्रवाल के विरोध में झंडा बुलंद करते रहे हैं | मुदित कहते है जल्द ही वे तिमारपुर, सीलमपुर व् सीमापुरी में चाय पार्टियाँ रखेगें | इन चाय पार्टियों के माध्यम से मुदित युवा चेहरों को बड़ी तादाद में पार्टी के साथ जोड़ने में कामयाब हो रहे हैं | इस बिच मुदित एक अच्छे वक्ता के रूप में में भी तेजी से उभरे हैं | उन्हें विभिन्न टी.वी. चैनलों पर एक अच्छे वक्ता के रूप में सुना जा सकता है |
स्वतन्त्रता सेनानी स्व. लाला रामचरण अग्रवाल के पौत्र व पूर्व सांसद जे.पी. अग्रवाल के पुत्र मुदित को राजनीती वैसे तो विरासत में मिली है लेकिन अपनी खुद की मेहनत ने उन्हें इस मुकाम पर पहुंचाया है और साल भर की कड़ी मेहनत से आज उन्होंने हजारों की तादाद में नये लोग पार्टी के साथ जोड़ दिए हैं……

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