भारतीय महिला कामगार मंच की पूर्वी दिल्ली शाखा का उद्धघाटन हुुआ

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पूर्वी दिल्ली ( अंकित शर्मा )

आज रविवार दिनांक 7 अगस्त, 2016 को शकरपुर में भारतीय महिला कामगार मंच के पूर्वी दिल्ली के कार्यालय का उद्धघाटन किया गया ! कार्यालय का उद्धघाटन शकरपुर के थानाध्यक्ष तनवीर अशरफ ने मंच की अध्यक्षता अनिला शुक्ला के सहयोग से किया। इस अवसर पर थानाध्यक्ष ने मंच को अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि महिला उत्थान के लिए यह एक बहुत अच्छा कदम है तथा इसमें मेरी तथा थाना शकरपुर की जहां भी आवश्यकता होगी वहां सहयोग दिया जाएगा।

इस अवसर पर उषा शर्मा को पूर्वी दिल्ली का प्रभारी नियुक्त किया गया । उनकी नियुक्ति कामगार मंच की अध्यक्षा अनिला शुक्ला ने की तथा उन्होंने सभी को यह भरोसा दिलाया कि  उषा शर्मा महिला उत्थान में अपना योगदान पूरी ईमानदारी से देंगी।  कार्यक्रम का संचालन एवम अध्यक्षता  समाज सेवी अशोक शर्मा ने की इस अवसर पर अशोक शर्मा ने महिला कामगार मंच की तारीफ़ करते हुए कहा कि यह मंच महिलाओं के लिए एक कल्याणकारी मंच है तथा इसमें हमें बढ़ चढ़कर सहयोग करना चाहिए।

इस अवसर पर कामगार मंच की अनिला शुक्ला के साथ अन्य कामगार के अन्य कार्यकर्ताओं सुमना शुक्ला,  सुनीता भारद्वाज, सुमन अग्रवाल, मधु त्यागी, लता शर्मा, बरखा श्रीवास्तव, शीला, संगीता, द्रोपती देवी, आशु शर्मा, दुर्गा देवी, हरीश गोला, संजय गुप्ता, एसडी सिंह, नरेश पाल, अनिल कटारा, अजय शर्मा, पूरन सिंह आदि काफी संख्या में महिलाएं व समाज सेवी उपस्थित थे।

 

1 COMMENT

  1. लोगों के मन में प्रकृति और जानवरों के लिए संवेदना खत्म हो चुकी है एक तरफ कहते है पेड़ पौधे मत काटो और दूसरी तरफ ,पेड़ों की कटाई – कारखाने ,चौरी चौरी सड़कें , बड़ी बड़ी बिल्डिंगें, रेलवे लाइन , मेट्रो लाइन , हवाई अड्डे, शॉपिंग काम्प्लेक्स और अब बुलेट लाइन आदि के नाम पर अंधाधुन हो रही है, कहते हैं पॉल्युशन मत फैलाओ प्रकृति और हमारे स्वास्थ्य पर इसका बुरा असर पड़ता है, लेकिन पॉल्युशन फ़ैलाने के सारे कारक मौजूद है , एक तरफ तो कहा जाता है की जानवरों को मारना अपराध है लेकिन आज चारो तरफ जानवरो को मारने का कत्ले आम मचा है , कई साल पहले सलमान खान ने एक हिरन को मार दिया तो उसका केश आज तक चल रहा है , लेकिन हर रोज लाखों जानवरों को मारा जा रहा है लेकिन उसका कोई केश नहीं होता ,और सरकार भी चुप है , कहते है शराब और नसीली पदार्थों का सेवन करने से नुक्सान होता है ,शराब पीना कानूनन जुर्म है ,लेकिन सबसे ज्यादा शराब की जरुरत कानून के रक्षकों को ही पड़ती है,क्या उनके लिए शराब पीना अपराध नहीं है, अगर शराब इतना ही बुरा है तो बंद ही क्यों नहीं करावा देते, लेकिन कोई शराब बंद करवाने की पहल नहीं करता , हमारे देश की कानून व्यवस्था बहुत अच्छी है , लाइसेंस लेकर आप हथियार लेकर घूम सकते है , शराब बेच सकते हैं , जानवरों की हत्या कर सकते हैं, पेड़ पौधों की अंधाधुन कटाई कर सकते हैं, लेकिन अगर आपके पास लाइसेंस नहीं है तो आप अपराधी हैं ! वाह रे कानून व्यवस्था वाह !

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