ब्रिजपाल संत की कविता मेरा बाप बिकाऊ है हुई हिट

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नई दिल्ली ( आशीष कुमार / अंकित शर्मा )

शाहदरा दिल्ली निवासी पूर्व हिंदी प्रवक्ता डॉ.ब्रिजपाल सिंह ( संत ) की पहचान देश भर में स्काउट एन्ड गाईड के इंटरनेशनल ट्रेनर के रूप में होती है | लेकिन अपने लेखन व हास्य रस तथा वीर रस की कविताओं ने उन्हें अलग ही पहचान दिलाई है |
अभी तक तीस से ज्यादा पुस्तके तथा एक हजार से ज्यादा कविताए लिख चुके डॉ.संत की पुस्तक मेरा बाप बिकाऊ है खूब चर्चा में रही | सुहाना सफर,संत समागम,काव्य सप्तक सहित कई पुस्तके जमकर बिकी | मेरठ विश्वविधालय से पी.एच .डी.डॉ.संत से सी.पी.एन. टीम ने काव्य कलश प्रोग्राम में की खास बातचीत | उन्होंने हमें अपनी रचनाएं सुनाई और हिंदी साहित्य पर की लम्बी चर्चा |

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