पापा को किडनी का रोग, बेटे को कैंसर, बिहार के इस आईएएस ने खुद बना डाली दवा

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नई दिल्ली ( प्रेमबाबू शर्मा )
बिहार कैडर के एक आईएएस अधिकारी एसएम राजू के पिता किडनी और पुत्र कैंसर रोग से ग्रस्त थे,उनकी असहाय पीडा के देखते हुए इलाज के लिए खुद ही आयुर्वेदिक दवाओं का निर्माण किया जो कि कारगर साबित हुई। आज उनकी बनाई 14 दवाओं में कैंसर, डायबिटिज, एंटी एंजिग, किडनी, लिवर की बीमारी की दवा कम कीमत में बाजार में उपलब्ध है। जिनको सरकारी लाइसेंस मिल चुका है।
                एसएम राजू की दवाओं का ही प्रभाव है कि कई बड़ी हस्तियां भी करके अपनी बीमारियों से मुक्ति पा चुके हैं। राजस्थान हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एसएन झा, अभिनेता आदित्य पंचोली से लेकर कई मंत्री और बड़े अधिकारी उनकी दवाओं के इस्तेमाल से ठीक हो चुके हैं।
                दरअसल राजू के पिता को किडनी की बीमारी थी और बाद में बेटे को कैंसर हो गया था। दोनों के इलाज में अंग्रेजी दवाइयां काम नहीं कर पा रही थीं और उनके साइड इफेक्ट्स अलग थे। इसके बाद एग्रीकल्चर ग्रैजुएट राजू ने ठान लिया कि वह खुद अपने पिता और बेटे की बीमारी के लिए आयुर्वेदिक दवा बनाकर उनका इलाज करेंगे। दृढ ़निश्चय और मेहनत से राजू ने ऐसी दवा बना डाली और देखते ही देखते उन दवाओं से उनके पिता ठीक हो गए और बेटे की हालत में सुधार दिखने लगा।
                बिहार सरकार के रेवेन्यू विभाग में अपर सचिव राजू शुरू से ही विज्ञान और आयुर्वेद में रुचि रखते थे। राजू अपने काम के बाद आयुर्वेदिक दवाओं पर रिसर्च करने लगे जिसका नतीजा यह हुआ कि भारत सरकार ने राजू की बनाई कुल 14 दवाओं को लाइसेंस दे दिया है. इनमें कैंसर, डायबिटिज, लिवर, एंटी एजिंग, बोन औंर किडनी की बीमारियों की दवाएं शामिल हैं। राजू का कहना है कि ‘आयुर्वेदिक दवाओं को बेंगलुरु की एक कंपनी बना रही है। दवा से होने वाली आय का 50 फीसदी हिस्सा गरीब बच्चों की शिक्षा पर खर्च होगा। ये दवाएं पूरी तरह से आयुर्वेदिक हैं जिनका कोई साइड इफेक्ट्स भी नहीं है। ये दवाएं ‘मिरेकल ड्रिंक्स’ के नाम से उपलब्ध हैं।’

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